उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन का जीवन परिचय | C. P. Radhakrishnan Biography in Hindi

C. P. Radhakrishnan को भारतीय राजनीति के एक सशक्त और अनुभवी नेता के रूप में जाना जाता हैं। वे न केवल भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ कार्यकर्ता रहे हैं, बल्कि सांसद, संगठनकर्ता, समाजसेवी और राज्यपाल जैसे संवैधानिक पदों पर भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। 2025 में इन्हें राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की ओर से उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित किया गया और सितंबर 2025 में उन्हें भारत के 15वें उपराष्ट्रपति के रूप में निर्वाचित किया गया।

सीपी राधाकृष्णन का जीवन संघर्ष, समर्पण और राष्ट्रसेवा का प्रतीक है। उन्होंने बचपन से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़कर सामाजिक कार्यों की शुरुआत की और धीरे-धीरे राष्ट्रीय राजनीति में अपनी मजबूत पहचान बनाई।


सीपी राधाकृष्णन का प्रारंभिक जीवन और शिक्षा

C. P. Radhakrishnan का जन्म 20 अक्टूबर 1957 को तमिलनाडु के तिरुप्पुर शहर में हुआ। वे कोंगू वेल्लाला गौंडर (OBC) समुदाय से आते हैं। बचपन से ही वे अनुशासनप्रिय और मेहनती छात्र रहे।

उन्होंने उच्च शिक्षा V.O. Chidambaram College, Tuticorin से प्राप्त की, जहाँ से उन्होंने Bachelor of Business Administration (BBA) की डिग्री हासिल की। कॉलेज जीवन में पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में भी वे अव्वल रहे। टेबल टेनिस में वे कॉलेज चैंपियन बने, जिससे उनकी खेल भावना और टीमवर्क की झलक मिलती है।

सीपी राधाकृष्णन का शैक्षिक और खेल दोनों क्षेत्रों में प्रदर्शन यह दर्शाता है कि उनमें नेतृत्व और संघर्ष की क्षमता बचपन से ही मौजूद थी।


सीपी राधाकृष्णन का राजनीतिक शुरुआत

C. P. Radhakrishnan ने किशोरावस्था में ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़कर राष्ट्र सेवा की राह चुनी। लगभग 17 वर्ष की आयु में वे भारतीय जनसंघ की राज्य कार्यकारी समिति के सदस्य बने। 1980 में भारतीय जनता पार्टी की स्थापना के बाद उन्होंने पार्टी के साथ सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया।

धीरे-धीरे सीपी राधाकृष्णन तमिलनाडु भाजपा की राजनीति में एक प्रमुख चेहरा बन गए। वे पार्टी संगठन में निचले स्तर से लेकर राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक विभिन्न जिम्मेदारियों पर कार्यरत रहे। उनकी सादगी, ईमानदारी और संगठन कौशल के कारण वे कार्यकर्ताओं और जनता के बीच लोकप्रिय होते गए।


 सीपी राधाकृष्णन का लोकसभा सांसद के रूप में योगदान

C. P. Radhakrishnan ने 1998 और 1999 में कोयम्बटूर लोकसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा और शानदार जीत दर्ज की। खासतौर पर 1998 में उन्होंने 1.5 लाख से अधिक मतों के अंतर से जीत हासिल की, जो उस समय तमिलनाडु की राजनीति में भाजपा के लिए बड़ी उपलब्धि मानी गई।

सांसद रहते हुए सीपी राधाकृष्णन कई महत्वपूर्ण संसदीय समितियों के सदस्य रहे। इनमें वित्त मंत्रालय की सलाहकार समिति, सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम समिति और टेक्सटाइल्स से जुड़ी संसदीय समिति शामिल थीं। इसके अलावा वे स्टॉक एक्सचेंज घोटाले की जांच समिति में भी सक्रिय रहे।

2003 में C. P. Radhakrishnan को भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए संयुक्त राष्ट्र महासभा भेजा गया, जहाँ उन्होंने आपदा राहत और मानवीय सहायता पर अपना दृष्टिकोण प्रस्तुत किया।


सीपी राधाकृष्णन का भाजपा संगठन में नेतृत्व

2004 से 2007 तक सीपी राधाकृष्णन भाजपा तमिलनाडु के प्रदेश अध्यक्ष रहे। इस दौरान उन्होंने पार्टी के विस्तार और जनसंपर्क पर विशेष जोर दिया।

उन्होंने 93 दिनों तक चलने वाली और लगभग 19,000 किलोमीटर की दूरी तय करने वाली ‘रथ यात्रा’ निकाली। इस यात्रा का उद्देश्य था – नदियों को जोड़ने की आवश्यकता पर जागरूकता फैलाना, आतंकवाद और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाना, अस्पृश्यता मिटाना और समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) की वकालत करना।

C. P. Radhakrishnan ने अपनी इस रथ यात्रा से हजारों कार्यकर्ताओं और जनता को भाजपा से जोड़ने का काम किया। उनकी यह यात्रा आज भी तमिलनाडु की राजनीति में एक मील का पत्थर मानी जाती है।


सीपी राधाकृष्णन का Coir Board और प्रशासनिक भूमिकाएँ

2016 से 2020 तक सीपी राधाकृष्णन ने Coir Board के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। उनके नेतृत्व में भारत का नारियल उत्पाद (Coir) निर्यात 2,532 करोड़ रुपये तक पहुँच गया। यह उनके प्रशासनिक कौशल और दूरदर्शी सोच का प्रमाण था।

इसके बाद 2020 से 2022 तक उन्हें भाजपा का केरल प्रभारी नियुक्त किया गया। इस दौरान उन्होंने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत किया और कार्यकर्ताओं के बीच नई ऊर्जा भरने का काम किया।


सीपी राधाकृष्णन का राज्यपाल के रूप में कार्य

18 फरवरी 2023 को C. P. Radhakrishnan को झारखंड का राज्यपाल नियुक्त किया गया। उन्होंने पदभार संभालने के बाद केवल चार महीनों में राज्य के सभी 24 जिलों का दौरा किया और वहाँ की जनता और अधिकारियों से सीधे संवाद स्थापित किया।

मार्च 2024 से जुलाई 2024 तक उन्हें तेलंगाना के राज्यपाल और पुडुचेरी के उपराज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया।

31 जुलाई 2024 को उन्हें महाराष्ट्र का राज्यपाल नियुक्त किया गया। इस पद पर रहते हुए सीपी राधाकृष्णन ने प्रशासनिक सुधार, पारदर्शिता और जनता से जुड़ाव को प्राथमिकता दी।


सीपी राधाकृष्णन का उपराष्ट्रपति

2025 में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने सीपी राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित किया। यह फैसला भाजपा की उस रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें एक अनुभवी, ईमानदार और दक्षिण भारत से आने वाले ओबीसी नेता को उच्च संवैधानिक पद पर स्थापित करना शामिल है।

सी.पी. राधाकृष्णन भारत के 15वें उपराष्ट्रपति के रूप में सितंबर 2025 में निर्वाचित हुए। तमिलनाडु से आने वाले वरिष्ठ भाजपा नेता राधाकृष्णन लंबे समय से राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय रहे हैं और उन्हें “धरती का पुत्र” कहकर सम्मानित किया जाता है। उन्होंने 1998 और 1999 में कोयंबटूर से सांसद रहते हुए संसद में अपनी पहचान बनाई तथा बाद में झारखंड, तेलंगाना और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में राज्यपाल का पद संभाला। उपराष्ट्रपति चुनाव में उन्हें 452 वोट मिले और विपक्षी उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी को 300 वोटों से संतोष करना पड़ा। उनके उपराष्ट्रपति बनने से दक्षिण भारत से शीर्ष संवैधानिक पदों पर प्रतिनिधित्व बढ़ा है और उनसे उम्मीद की जा रही है कि वे संसद में विपक्ष और सत्ता, दोनों को संतुलित आवाज़ देंगे।


सीपी राधाकृष्णन का व्यक्तिगत जीवन और रुचियाँ

सीपी राधाकृष्णन का जीवन केवल राजनीति तक सीमित नहीं है। वे खेलकूद, साहित्य और यात्राओं में गहरी रुचि रखते हैं। कॉलेज के दिनों में वे टेबल टेनिस चैंपियन रहे। इसके अलावा वे क्रिकेट और वॉलीबॉल खेलना भी पसंद करते थे।

C. P. Radhakrishnan एक उत्साही यात्री भी हैं। वे अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, स्पेन, जापान, चीन, सिंगापुर, मलेशिया, तुर्की और कई अन्य देशों की यात्राएँ कर चुके हैं। इन यात्राओं ने उन्हें वैश्विक दृष्टिकोण और सांस्कृतिक विविधता को समझने में मदद की।


C. P. Radhakrishnan का जीवन संघर्ष, सेवा और नेतृत्व का अद्भुत मिश्रण है। वे एक ऐसे नेता हैं जिन्होंने जमीनी स्तर से राजनीति की शुरुआत की और धीरे-धीरे राष्ट्रीय राजनीति में अपनी पहचान बनाई।

सीपी राधाकृष्णन ने सांसद, भाजपा अध्यक्ष, Coir Board प्रमुख और राज्यपाल के रूप में जो योगदान दिया, वह भारतीय राजनीति में अनुकरणीय है। 2025 में उपराष्ट्रपति बनने के साथ उन्होंने यह साबित कर दिया है कि सच्ची निष्ठा और समर्पण से कोई भी व्यक्ति उच्चतम शिखर तक पहुँच सकता है।


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