रविंद्र सिंह भाटी एक युवा भारतीय राजनेता और राजस्थान की राजनीति में उभरता हुआ सितारा हैं। वे वर्तमान में शिव विधानसभा क्षेत्र से राजस्थान विधान सभा के सदस्य हैं और अपनी निडरता व जनसेवा के प्रति समर्पण के लिए जाने जाते हैं। रविंद्र ने छात्र राजनीति से अपने करियर की शुरुआत की और बहुत कम समय में अपनी मेहनत और लगन से एक मजबूत पहचान बनाई।
रविंद्र सिंह भाटी का प्रारंभिक जीवन और शिक्षा
रविंद्र सिंह भाटी का जन्म 3 दिसंबर 1997 को राजस्थान के बाड़मेर जिले के दुधोड़ा गांव में एक राजपूत परिवार में हुआ था। उनके पिता शैतान सिंह भाटी एक स्कूल शिक्षक हैं, जबकि उनकी मां अशोक कंवर एक गृहिणी हैं। रविंद्र की प्रारंभिक शिक्षा बाड़मेर में हुई, जिसके बाद उन्होंने मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय, उदयपुर से स्नातक (BA) और जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय (JNVU), जोधपुर से कानून की डिग्री (LLB) हासिल की। पढ़ाई के दौरान ही वे छात्र हितों के लिए सक्रिय हो गए थे।
रविंद्र सिंह भाटी का राजनीतिक सफर की शुरुआत
रविंद्र ने अपनी राजनीतिक यात्रा जोधपुर के जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय से शुरू की। साल 2019 में उन्होंने छात्रसंघ अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ा। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से टिकट न मिलने पर उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव में हिस्सा लिया और जीत हासिल की। यह JNVU के 57 साल के इतिहास में पहली बार था जब कोई निर्दलीय उम्मीदवार छात्रसंघ अध्यक्ष बना। अपने कार्यकाल में उन्होंने छात्रों की समस्याओं, खासकर COVID-19 महामारी के दौरान फीस जैसे मुद्दों को जोर-शोर से उठाया।
रविंद्र सिंह भाटी विधायक बनने का सफर
साल 2023 में रविंद्र सिंह भाटी ने राजस्थान विधानसभा चुनाव में बाड़मेर जिले की शिव सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में हिस्सा लिया। भारतीय जनता पार्टी (BJP) से टिकट न मिलने के बाद उन्होंने बगावत की और जनता के समर्थन से चुनाव लड़ा। उन्होंने 79,495 वोट हासिल कर 3,950 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। इस जीत के साथ वे राजस्थान के सबसे कम उम्र के विधायकों में से एक बने। उनकी इस सफलता ने उन्हें युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय बना दिया।
रविंद्र सिंह भाटी निजी जीवन
रविंद्र सिंह भाटी का विवाह धनिष्ठा कंवर से हुआ है। वे अपनी सादगी और जनता से सीधे जुड़ाव के लिए जाने जाते हैं। उनकी भाषा शैली, खासकर मारवाड़ी में प्रभावशाली संवाद, लोगों को उनकी ओर आकर्षित करती है।
रविंद्र सिंह भाटी लोकसभा चुनाव 2024
साल 2024 में रविंद्र ने बाड़मेर-जैसलमेर लोकसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा। हालांकि वे इस बार जीत हासिल नहीं कर सके, लेकिन उनके प्रचार के दौरान समर्थकों की भारी भीड़ ने उनकी लोकप्रियता को साबित किया।
रविंद्र सिंह भाटी विशेषताएं और योगदान
रविंद्र सिंह भाटी की खासियत उनकी स्वतंत्र सोच और जनता के प्रति समर्पण है। वे स्थानीय मुद्दों जैसे शिक्षा, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं के लिए लगातार आवाज उठाते हैं। उनकी निडरता और बिना किसी बड़े राजनीतिक दल के समर्थन के जीतने की क्षमता उन्हें एक प्रेरणादायक व्यक्तित्व बनाती है।
रविंद्र सिंह भाटी आज राजस्थान के युवाओं के लिए एक मिसाल हैं। उनका मानना है कि मेहनत और ईमानदारी से हर मुकाम हासिल किया जा सकता है। उनकी यह यात्रा न केवल राजनीति में रुचि रखने वालों के लिए, बल्कि हर उस व्यक्ति के लिए प्रेरणा है जो अपने सपनों को सच करना चाहता है।